अम्बेडकरनगर।
प्रयागराज में 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलने वाले पावन माघ मेले को देखते हुए अम्बेडकरनगर जिले से श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से कुल 90 बसें लगाई गई हैं, ताकि आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अलग-अलग रूटों से संचालित होंगी बसें
माघ मेले के दौरान ये बसें अलग-अलग मार्गों से होकर प्रयागराज जाएंगी।
बसों को इस तरह से रूट किया गया है कि जिले के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
ये बसें श्रद्धालुओं को सीधे मेला परिसर के पास स्थित बेला कछार या झूंसी अस्थायी बस स्टेशन तक पहुंचाएंगी।
कहां से कितनी बसें चलेंगी
माघ मेले के लिए बसों का वितरण इस प्रकार किया गया है:
- कमहरिया घाट (अम्बेडकरनगर) से – 50 बसें
- टांडा से प्रयागराज – 20 बसें
- अकबरपुर से प्रयागराज – 10 बसें
- रामनगर से प्रयागराज – 10 बसें
15 फरवरी तक जारी रहेगी व्यवस्था
यह विशेष बस सेवा माघ मेले की अवधि तक यानी 15 फरवरी तक जारी रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर बसों की संख्या में और इजाफा भी किया जा सकता है।
ग्रामीण इलाकों के यात्रियों को रोजाना हो रही परेशानी
हालांकि माघ मेले के लिए बसों की व्यवस्था की गई है, लेकिन इससे इतर अम्बेडकरनगर जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के सफर में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खासतौर पर वे छात्र जो पढ़ाई के लिए प्रयागराज या सुल्तानपुर में रहते हैं, उन्हें नियमित बस सेवा न होने से परेशानी झेलनी पड़ती है।
इन क्षेत्रों से नियमित बसों की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों जैसे:
- माजहा कमहरिया
- राजेसुल्तानपुर
- जहांगीरगंज
- आलापुर
- रामनगर
से प्रयागराज और सुल्तानपुर के लिए नियमित रोडवेज बस सेवा की मांग उठ रही है।
प्राइवेट बसों पर निर्भर लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित रोडवेज बसें न होने के कारण उन्हें प्राइवेट बसों पर निर्भर रहना पड़ता है।
प्राइवेट बसों का न तो कोई तय समय होता है और न ही भरोसेमंद व्यवस्था।
कभी सुबह 5 बजे, कभी 10 बजे तो कभी 11 बजे बस मिलने से यात्रियों को भारी परेशानी होती है।
नियमित रोडवेज सेवा से मिलेगी राहत
लोगों का मानना है कि यदि परिवहन निगम की नियमित बसें संचालित होने लगें, तो:
- छात्रों को राहत मिलेगी
- यात्रियों का समय बचेगा
- किराया भी नियंत्रित रहेगा
- सफर सुरक्षित और आसान होगा
मांग पर प्रशासन की नजर
स्थानीय लोगों की मांग है कि माघ मेले के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों से प्रयागराज और सुल्तानपुर के लिए बसों का स्थायी संचालन किया जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मांग पर आगे क्या निर्णय लेता है।
