जलालपुर CHC की स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीज बेहाल
अंबेडकर नगर जिले के जलालपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे गया है। कई महीनों से वेतन और PBI (परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव) का भुगतान न होने से नाराज़ कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया, जिसका सीधा असर सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा। इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
📌 क्या है कर्मचारियों की मांग?
धरने पर बैठे कर्मियों का कहना है कि:
- नवंबर और दिसंबर 2025 का वेतन अब तक नहीं मिला
- कई CHC कर्मी अगस्त 2025 से बिना वेतन काम कर रहे हैं
- मार्च 2025 और जुलाई–दिसंबर 2025 तक का PBI लंबित है
- इंक्रीमेंट (5%, 10% या 15%) को लेकर कोई स्पष्टता नहीं
लंबे समय से भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। उनका कहना है कि किराया, पेट्रोल और रोजमर्रा के खर्च तक निकालना मुश्किल हो गया है।
🗣️ “मजबूरी में धरना करना पड़ा”
कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने पहले ही सीएचसी अधीक्षक को लिखित ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी। अधीक्षक द्वारा CMO को पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
5 जनवरी 2026 को तीन कार्यदिवस का समय दिया गया था, लेकिन 9 जनवरी 2026 तक भुगतान नहीं होने पर धरना शुरू करना पड़ा।
🚑 मरीजों पर असर
धरने के चलते:
- ओपीडी सेवाएं प्रभावित
- दूर-दराज से आए मरीज इलाज के लिए भटकते रहे
- ग्रामीण क्षेत्रों से आने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई
📍 दूरदराज से आने-जाने की समस्या
कर्मियों ने बताया कि:
- कई कर्मचारी 8–10 किलोमीटर दूर रहते हैं
- न तो सरकारी वाहन सुविधा है, न ही आने-जाने का भत्ता
- वेतन न होने से ड्यूटी पर पहुंचना भी चुनौती बन गया है
⚠️ आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
संविदा कर्मियों ने साफ कहा है कि:
जब तक बकाया वेतन, PBI और इंक्रीमेंट का भुगतान नहीं होता, तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
