ऑडियो वायरल होने के बाद जांच व कार्रवाई की मांग, एसडीएम पर भी उठे सवाल
अम्बेडकरनगर।
नगरपालिका में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर शनिवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष देवेश मिश्र के नेतृत्व में पार्टी के कई सभासदों, व्यापार मंडल से जुड़े लोगों और कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका गेट पर धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया।
धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी, कमीशनखोरी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले से जुड़े कई ऑडियो भी पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिनकी जांच की बात कही गई थी।
🗣️ भाजपा नेता देवेश मिश्र ने लगाए गंभीर आरोप
धरना स्थल पर मीडिया से बातचीत में पूर्व नगर अध्यक्ष देवेश मिश्र ने कहा कि
“हम लोग सत्ता पक्ष में हैं, इसके बावजूद जब जनता की शिकायतों पर सुनवाई नहीं होती तो हमें सड़क पर उतरना पड़ता है। निर्माण कार्यों में मानक का पालन नहीं हो रहा और कमीशनखोरी की शिकायतें सामने आई हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि लिखित शिकायत के बाद एसडीएम द्वारा जांच के लिए टीम गठित की गई थी, जिसमें तहसीलदार, वीडीओ और पीडब्ल्यूडी विभाग शामिल थे और सात दिन में रिपोर्ट देने की बात कही गई थी, लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई सामने नहीं आई।
⚠️ जांच के बावजूद कार्यक्रमों में शामिल होने पर सवाल
धरना दे रहे नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों और पदाधिकारियों पर जांच चल रही है, वे खुलेआम सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
🧱 घटिया निर्माण और ठेकों पर भी उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे अधिकांश निर्माण कार्यों में
- घटिया ईंट,
- कम मात्रा में सीमेंट,
- मानक के विपरीत सामग्री
का उपयोग किया जा रहा है।
लकड़ी वितरण और अन्य टेंडरों को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ठंड के मौसम में भी लोग मजबूरी में धरने पर बैठे हैं, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी ने अब तक मौके पर पहुंचकर उनकी बात नहीं सुनी।
📢 कार्रवाई तक धरना जारी रखने का ऐलान
धरना दे रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
फिलहाल नगर पालिका से जुड़ा यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर प्रशासन का रुख क्या होगा, यह देखना अहम होगा।
