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अम्बेडकरनगर: गौरा गूजर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

Gaura Gujjar Road Construction

अम्बेडकरनगर जिले के टांडा तहसील क्षेत्र के गौरा गूजर गांव में बन रही करीब ढाई किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके कारण नई बनी सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी है।

ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क गांव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी रास्ते से लोग बाजार, स्कूल, अस्पताल और तहसील तक जाते हैं। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता देखकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

तीन दिन में उखड़ने लगी सड़क

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण को अभी तीन दिन भी पूरे नहीं हुए, और जगह-जगह से गिट्टी अलग होने लगी है। ग्रामीणों ने बताया कि जैसे ही सड़क पर पैर रखा जाता है, नीचे की गिट्टी बाहर निकल आती है। इससे साफ जाहिर होता है कि डामर और अलकतरा की मात्रा मानक के अनुसार नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को दो लेयर में बनाया जा रहा है, लेकिन पहली परत में न तो अलकतरा ठीक से डाला गया है और न ही सामग्री को सही तरीके से जमाया गया। ऊपर से सिर्फ नाम मात्र की परत डाल दी गई है।

“पहले की सड़क इससे बेहतर थी”

ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पांच साल पहले जो सड़क बनी थी, उसकी हालत इससे बेहतर थी। लोगों का कहना है कि अगर सड़क इसी तरह बनाई गई, तो यह ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगी और जल्द ही फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाएगी।

एक ग्रामीण ने कहा,

“इतनी ठंड में सड़क बनाई जा रही है, जबकि ठंड के मौसम में डामर ठीक से जमता ही नहीं। हमने मना किया, लेकिन फिर भी काम जारी है।”

ठंड में निर्माण पर भी सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि कड़ाके की ठंड में सड़क निर्माण किया जा रहा है, जबकि तकनीकी रूप से इस मौसम में डामर सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होती है। लोगों का कहना है कि न तो रोलर ठीक से चलाया जा रहा है और न ही सामग्री को जमाने की प्रक्रिया सही ढंग से अपनाई जा रही है।

“मोबिल डालकर सड़क बना दी”

गांववालों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में अलकतरा की जगह मोबिल या कम गुणवत्ता वाला पदार्थ इस्तेमाल किया गया है। उनका कहना है कि इसी कारण सड़क की ऊपरी परत पकड़ नहीं बना पा रही और आसानी से उखड़ रही है।

ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि अगर ऐसे ही निर्माण होता रहा, तो वे इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे।

प्रशासन से जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर अभी जांच नहीं हुई, तो बाद में सड़क खराब होने पर सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी होगी।

लोगों का साफ कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन घटिया निर्माण स्वीकार नहीं करेंगे। गांव के लोगों ने मांग की है कि मानक के अनुसार सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि यह लंबे समय तक टिक सके।

विकास या दिखावा?

गौरा गूजर गांव में बन रही यह सड़क अब सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि गुणवत्ता और जवाबदेही का सवाल बन गई है। ग्रामीणों की आवाज अगर समय रहते नहीं सुनी गई, तो आने वाले दिनों में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।

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