भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के आरोप, जांच के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन
अम्बेडकरनगर (जलालपुर)।
नगर पालिका परिषद जलालपुर में कथित भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब भाजपा नेता और सभासद धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
धरने की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जलालपुर राहुल गुप्ता, क्षेत्राधिकारी अनुप सिंह, तहसीलदार गरिमा भार्गव, कोतवाल संतोष कुमार सिंह और खंड विकास अधिकारी दिनेश रामादीन मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
🗣️ एसडीएम की मौजूदगी में उबाल
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता शिवपूजन वर्मा का आक्रोश एसडीएम की मौजूदगी में ही उभर आया। कुछ देर तक गरमागरमी का माहौल रहा, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई।
📑 क्या थीं सभासदों की मुख्य मांगें?
सभासदों ने लिखित ज्ञापन के माध्यम से कई मुद्दे उठाए, जिनमें प्रमुख रूप से:
- निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप ईंटों (ISI/मानक चिन्हित) का प्रयोग न होना
- सभासदों की शिकायतों और सुझावों की उचित सुनवाई न होना
- सभी वार्डों में अलाव की व्यवस्था सही ढंग से न चलना
⚖️ एसडीएम राहुल गुप्ता ने क्या कहा?
एसडीएम जलालपुर राहुल गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि:
- निर्माण कार्यों में टेंडर व स्वीकृत मानकों के अनुसार ही काम होगा
- ईंट और अन्य सामग्री की तकनीकी जांच के लिए पहले से गठित टीम जांच कर रही है, जिसमें तहसीलदार और बीडीओ शामिल हैं
- यदि जांच में मानकों से विचलन पाया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी
🔥 अलाव व्यवस्था पर भी सख्ती
एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि:
- अलाव जलने का सत्यापन वार्ड सभासदों के माध्यम से कराया जाएगा
- वार्ड सदस्य द्वारा सत्यापन के बाद ही भुगतान की पुष्टि की जाएगी
🤝 जांच के आश्वासन पर धरना समाप्त
प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद भाजपा नेताओं और सभासदों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगे भी आंदोलन किया जा सकता है।
फिलहाल नगर पालिका जलालपुर से जुड़ा यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
