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SC-ST कोर्ट का फैसला: अंबेडकरनगर में चेयरमैन को 3 साल की सजा

SC-ST कोर्ट का फैसला

अंबेडकर नगर में नगर पंचायत चेयरमैन को 3 साल की सजा, सियासी पारा चढ़ा

अंबेडकर नगर जिले की राजनीति में गुरुवार को बड़ा भूचाल आ गया, जब SC-ST कोर्ट ने एक अहम फैसले में नगर पंचायत चेयरमैन ओमकार गुप्ता को तीन साल की सजा और जुर्माना सुनाया। इस फैसले के बाद न सिर्फ चेयरमैन की मुश्किलें बढ़ गई हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


📍 मामला क्या है?

यह मामला असरपुर्खी चौचा नगर पंचायत से जुड़ा है, जहाँ सभासद विनोद कुमार के साथ मारपीट का आरोप सामने आया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सभासद के साथ हुई इस मारपीट के मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए गए, जिसके आधार पर विशेष न्यायाधीश, SC-ST कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।


⚖️ कोर्ट का निर्णय

  • दोषी: चेयरमैन ओमकार गुप्ता
  • सजा: 3 वर्ष का कारावास
  • अतिरिक्त: आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया

यह फैसला गुरुवार को सुनाया गया, जिसने नगर पंचायत की राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


🚨 बढ़ सकती हैं राजनीतिक मुश्किलें

कानूनी जानकारों के अनुसार,
👉 यदि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को दो वर्ष से अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

ऐसे में ओमकार गुप्ता की नगर पंचायत चेयरमैन पद पर स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
असरपुर्खी चौचा नगर पंचायत पहले भी कई बार विवादों और प्रशासनिक कार्रवाईयों को लेकर सुर्खियों में रही है।


🔥 इलाके में सियासी गर्मी

हालाँकि मौसम ठंडा है, लेकिन
अंबेडकर नगर जिले का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है।
फैसले के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और आगे की रणनीति पर नजरें टिकी हुई हैं।


🗣️ पृष्ठभूमि में पहले भी विवाद

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी:

  • अधिकार सीज हुए
  • फिर बहाल किए गए
  • और अब इस सजा के बाद नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं

FAQ

सजा किस मामले में हुई?

सभासद विनोद कुमार के साथ मारपीट के मामले में।

कितनी सजा सुनाई गई है?

तीन साल की कैद और जुर्माना।

क्या चेयरमैन पद जा सकता है?

दो साल से अधिक की सजा होने पर सदस्यता पर खतरा हो सकता है।

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